मै घायल बस्तर का दर्द सुनाने आज निकली हुँ -गायत्री की कविता...
मै घायल बस्तर की दर्द सुनाने आज निकली हुँ इस मातृभूमि की कर्ज चुकाने आज निकली हुँ बस्तर कभी शांति हुआ करती थी घर घर में रेला और माद...Read More
अश्वनी कांगे , कांकेर दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में 90 के दशक में दो बड़े बदलाव हुए , एक उदारीकरण की नीति और दूसरा ग्राम स...