Featured

बस्‍तर प्रहरी में आपका स्‍वागत है.

गुरुवार, 18 फ़रवरी 2016

एकलव्य आवासीय विघालय करपावण्ड की उपप्राचार्या के कथित आदिवासी छात्रों विरोधी वकतव्य के खिलाफ ग्राम में द रियल बस्तर टाईगर सेना बकावण्ड ब्लाॅक ने निकाली रैली




जगदलपुर :- स्थानीय अखबारों में पीछले दिनों छपी खबरों के अनुसार एकलव्य आवासीय विघालय ग्राम करपावण्ड की उपप्राचार्या उषा शुक्ला से अध्ययनरत आदिवासी छात्रों ने जब एआईपीएमटी के विषय में जाननी चाही तो वह यह कहकर छात्रों के मानसिकता में नकारात्मकता भर दीं कि ,''आदिवासी एआईपीएमटी की परीक्षा के लायक ही नहीं हैं ।''
छात्रों को इस वर्ष समयावधी में, इस परीक्षा के फार्म भरने संबंधी जानकारी  भी नहीं दी गई ।जिससे वे इस फार्म भर नही पाये ,ना इस वर्ष वे परीक्षा दे पायेंगे ।
छात्रों ने एसी ट्राईबल व कलेक्टर से शिकायत की है कि किसी भी रचनात्मक व प्रतियोगी कार्य के लिये जाओ , तो उपप्राचार्या उन्हे नेतागिरी मत करो कहकर भगा देती है ।
किसी भी सकारात्मक कार्य हेतु सहयोग नहीं करती  ।
ज्ञात हो कि इसी छात्रावास से पीछले महीने दस्त से एक बच्चे की मौत हुई थी ।तथा पीछले एक महिने के अन्दर 20 से 25 छात्र उल्टी ,दस्त,पेट दर्द ,बुखार का शिकायत लेकर हाॅस्पीटल में एडमीट हुये हैं ।
छात्र अपनी सारी शिकायत लेकर एसी ट्राईबल तथा कलेक्टर से  पिछले दिनों मिले ।
ज्ञात हो कि एकलव्य आवासीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आदर्श विद्यालय की तर्ज पर राज्य शासन की महत्वकाक्षी योजना है ।जिसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों के शिक्षा का स्तर सुधारने हेतु क्रियान्वित किया गया है ।
उपरोक्त घटना के विरोध में आज
'' द रियल बस्तर टाईगर सेना''ने ग्राम करपावण्ड में विशाल रैली निकाली  व थाने में
ज्ञापन भी दिया ।द रियल बस्तर टाइगर सेना के ब्लाॅक अध्यक्ष श्री दिनेश भारती ने बताया की इस बाबत् उन्होने थाना प्रभारी,तहसीलदार,एस डी एम को ज्ञापन सौंपा है तथा कड़ी चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के अन्दर प्रशासन दोषी उप प्राचार्या उषा शुक्ला को बर्खास्त नहीं करेगा, तो वे इसे उग्र आन्दोलन का रूप देंगे ।क्योकि ये आदिवासी समाज के बच्चों के भविष्य का सवाल है ,सम्पूर्ण आदिवासी समाज के विकास का सवाल है ।एकलव्य आवासीय विघालय जैसे राज्य सरकार के महत्वकांक्षी योजनाओं में छात्रो के साथ अगर ऐसा हो रहा है, तो सोचो बाकी सरकारी स्कुलो की क्ये दशा होगी ।श्री भारती ने जानकारी दी कि चुंकी  यह पांचवी  अनुसुचित क्षेत्र है ,अतः शासन अगर गांव ,आदिवासी व छात्रों के साथ न्याय करने में समर्थ नही होती तो पारम्परीक रूढीवादी ग्राम सभा का आयोजन ग्राम में किया जायेगा और कथित दोषी उषा शुक्ला  को ग्राम गणराज्य से बाहर किया जायेगा । आदिवासी समाज के भोलेपन को कोई कमजोरी न समझे ,हमे कमजोर समझने वालों को यह जानना चाहिये कि महान बुमकाल हमारा इतिहास है ।
हमे कमजोर समझने वालों को हमारा इतिहास जानना चाहिये
गुण्डाधुर हमारा इतिहास है
डेबरीधुर हमारा इतिहास है
बिरसा मुण्डा हमारा इतिहास है
तिलका मांझी हमारा इतिहास है
प्रथम स्वतंत्रता हमारा इतिहास है,
हमारी संस्कृति विश्व संस्कृति की जननी है ।''
रैली का आरंभ ग्राम के गायता द्वारा ग्राम की माटी देवी के अर्जी विनती से किया गया व गांव की पुरी एक परिक्रमा के पश्चात् मुख्य चौक पर भीमा देव ना सेवा सेवा ,डोकरा देव ना सेवा सेवा ,बघियाकरीन आया ना सेवा सेवा ,दन्तेश्वरी आया ना सेवा सेवा ,माटी देव न सेवा सेवा के अर्जी विनती के साथ खत्म हूआ ।।