टाटा, अडानी के लिए शासकों की प्रीत लिखुं या वीरान जंगलों में गुंजने वाली रेलाओं के गीत लिखुं...
"लिख तो मैं भी सकता हुं साहब पर जमानत कराएगा कौन।" असमानता, शोषण की राह लिखुं या दमनकारियों की वाह लिखुं, कल्लुरी की जी...Read More
अश्वनी कांगे , कांकेर दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में 90 के दशक में दो बड़े बदलाव हुए , एक उदारीकरण की नीति और दूसरा ग्राम स...