सड़कें तमाम बन गयीं जंगल को रौंद कर .. अब इस तरक़्क़ी के बीच एक पौधा लगाया नही जाता ...चित्रा
कल फिर से देखा है मैंने अख़बारों में किसी भूखे को मरते हुए.. के अब मुझसे भी ये निवाला खाया नहीं जाता .... ...Read More
अश्वनी कांगे , कांकेर दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में 90 के दशक में दो बड़े बदलाव हुए , एक उदारीकरण की नीति और दूसरा ग्राम स...