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रविवार, 27 दिसंबर 2015

जवानों के लिए नक्सलियों से ज्यादा मच्छर हो रहे घातक साबित!

जिला अस्पताल में भर्ती जवान 

14 जवान मलेरिया की चपेट में 

कांकेर. सीएएफ के जवान गंदगी के बीच माओवादियों से पहले मच्छरों  से लड़ाई लड़ रहे हैं। स्थिति यह है कि आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बड़े पिजोड़ी कैम्प का पानी साफ नहीं होने और गंदगी के कारण जवान हर रोज बीमार होते जा रहे हैं। ऐसे में उनका माओवादियों से सामना करना कठिन होता जा रहा है।
बड़े पिजोड़ी कैम्प में आयरन युक्त पानी होने के कारण पुलिस जवानों को मलेरिया, टायफाइड रोग से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। 21 और 22 दिसम्बर को भी जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अभी 14 जवान मलेरिया की चपेट में आ गए थे, इसके बाद से ही जवानों में हड़कम्प मचा हुआ है, जिन्हें 25 दिसंबर को जिला अस्पताल में रेफर किया गया है।
आलम यह है कि मलेरिया का प्रकोप कैम्प में थमने का नाम नहीं ले रहा। कैम्प के जवान भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे कैम्प के सीएएफ का आरक्षक अजय कौशिक(34), पिता मनोज, डीआरजी वन का आरक्षक लिलेश्वर साहू(33) पिता डोमन लाल मलेरिया पाजिटिव है। डीआर जी का जवान भादू राम गावड़े(32)पिता सामसाय तो मलेरिया व टाइफाइड से ग्रसित हैं और उतेश घुमरा(29)पिता भदरूराम पहले से ही भर्ती हैं।
इस सबंध में कांकेर सिविल सर्जन आर सी ठाकुर ने बताया की 14 जावन मलेरिया टाईफाईड से ग्रस्त है जिसमे दो जवानो का बेहतर इलाज कर डिस्चार्ज कर दिया गया है शेष 10 जावन अभी भी जिला अस्पताल कांकेर में ईलाज जारी है वही एक मेडिकल टीम बड़े पिजोड़ी रवाना कर दी गई है 
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