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गुरुवार, 14 जून 2012

क्या बंद नम्बरों के सहारे जंगल विभाग वन्य प्राणियों की रक्षा करेगा?।



*परिक्षेत्र अधिकारी से लेकर मंण्डलअधिकारी तक का नम्बर बंद* 
वन्यप्राणियों के नारे लगना जंगल विभाग का  मात्र एक ढकोसला 

* कंाकेर जिले में वन विभाग के अधिकारी बंद नम्बरों तथा फर्जी नम्बरों के सहारे वन्य प्राणियों को बचाने का दावा करते है, वन संरक्षक के छोड़ सभी परीक्षेत्र तथा मण्डल अधिकारीयों का नम्बर बंद बताता है और कभी भुल-चुक से चालु हो जाता है तो फोन नही उठाया जाता है, जबकि गांव-गांव में चिपके पोस्टर में इन अधिकारीयों तथा परीक्षेत्र अधिकारी का नम्बर वन्य प्राणियों को शिकार की  सूचना देने के लिए दिये गये है लेकिन ये नम्बर हमेशा बंद रहते है तो े जंगल विभाग के कर्मचारी वन्य प्राणियों की रक्षा कैसे करेगें?। 
कांकेर जिले के जंगल विभाग के अफसर अब फर्जी नम्बरों के सहारे वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे...?। वन्य प्राणियों की रक्षा करो, वन्य प्राणी वन का श्रृगांर है, वन्य प्राणियों की रक्षा कर मानव धर्म निभाये, आदि नारों के साथ वन विभाग के अफसर गांव-गांव में चप्पे-चप्पे पर पोस्टर में चिपका रखे है. और उसमें वनमंडलाधिकारी से लेकर सभी परिक्षेत्र के रेंजरों का मोबाईल फोन का नम्बर दिये गये है ताकि वन्य प्राणियों की शिकार हो तो तुरंत सूचना दे सके। ये मोबाईल फोन तथा नम्बर वन विभाग की ओर से  एक विशेष रूप से नम्बर दिया गया गया है, ये  नम्बर पोस्टरों में वन्य प्राणी बचाओं के नारे के साथ अंकित है लेकिन ये मोबाईल फोन के नम्बर पुरी तरह से फर्जी है, एक भी उच्चअधिकारी और वन परिक्षेत्रों के मोबाईल नम्बर नही लगते है किसी रेंजर का ऑऊट ऑफ रेंज तो किसी का नॉट रिचीबल तो किसी का बंद तो किसी का नॉट ऑफ सरवीस बताता है। अगर सबका मोबाईन नम्बर ऐसा है तो ये कंाकेर जिले में वन्य प्राणियों की रक्षा कैसे करेंगे, आम जनता तो मोबाईल फोन मे कॉल करेंगे तो इनका तो मोबाईल नम्बर बताता है अब जंगल विभाग के वरिष्ट अधिकारी द्वारा फर्जी नम्बरों से वन्य प्राणियें की रक्षा करने की बात कह रहे है...। 
क्या सूचना देने वाले का पैसा भी खा जाते अफसर..?
इन पोस्टरों में ये भी लिखा है कृपया वन्य प्राणियों की शिकार एवं उन पर हो रहे अत्याचार की सूचना निकट के वन्य कर्मचारी व अधिकारी को देंवे। सही सूचना देने वालों को दसा हजार रूपये ईनाम भी दिया जाऐगा तथा अपका पता गोपनीय रखा जावेगा। वन्य प्र्राण्ी एवं शिकार की सूचना तो काई भी आम जनता अगर देना चाहे तो वो तो दे नही सकता क्याकि उनका मोबाईल नम्बर तो फर्जी तरीके से बंद रहता है और सही सूचना देने वालों को तो ये जंगल विभाग क अफसर देते है की नही ये तो संदेह के घेरे में आता है जब मोबाईल नम्बर गलत तरीके से चल रहे है तो ईनाम की रकम में तासे बहुत बड़ा फड़ा होगा सब गालेल-माल होगा तथा रही  बात गापनीय रखने की तो उनका नम्बर तो बंद रहता है जनता द्वारा खबर तो मिल ही नही पाता है तो गोपनिय क्या रखेंगे।  

मुख्यमंत्री तथा वन मंत्री का भी परवाह नही,
 कंाकेर जिले के जंगल विभाग के अफसरों को 

कांकेर जिले के गांव-गांव में कंाकेर वन विभाग द्वारा वन्य प्राणियों के शिकार रोकने के लिए जागरूकता अभियान के  तहत  लगाये गये पोस्टरों में छ.ग. के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपील की है कि वन्य प्राणियों की रक्षा कर मानव धर्म निभायें...।
तथा वन मंत्री श्री विक्रम उसेंडी ने अपील की है कि वनों की शोभा वन्य प्रणियों से है इन्हे बचाये...। 
लेकिन कंाकेर जिले के जंगल विभाग के अफसर इन अपीलों की धज्जीयां उड़ा रहे है, 
पोस्टर में ये भी सूचित है कि.. सरोना परिक्षेत्र में अभी हाल ही में तेदुंआ सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था..पोस्टर के माध्यम से बताया गया है कि समय पर सूचना देने पर इनकी जान बच सकती थी..। लेकिन जंगल विभाग के अफसर फर्जी मोबाईल फोन नम्बर के सहारे जनता को सूचना देने के लिए बोलते है.. जब उनका मोबाईल नम्बर ही बंद है तो समय पर सूचना किसे दे..और वन्य प्राणी की रक्षा कैसे करे..क्या फर्जी नम्बर के सहारे वन्य प्राणियों की रक्षा करेंगे..?
वन्य प्राणियों की रक्षा करने के लिए जंगल विभाग के नम्बर कुछ इस प्रकार है.।
वन संरक्षक कंाकेर वृत्त कंाकेर- ०७५८७-०१४००० चालु है। 
वनमंण्डलाधिकारी कंाकेर-०७५८७-०१४१०० बंद 
परिक्षेत्र अधिकारी नरहरपुर- ०७५८१-०१४१०४ बंद
परिक्षेत्र अधिकारी सरोना-०७५८७-०१४१०५ बंद
परिक्षेत्र अधिकारी कोरर-०७५८७-०१४१०२ कभी चालु कभी बंद
परिक्षेत्र अधिकारी कंाकेर-०७५८१-०१४१०१ चालु लेकिन फोन नही उठाते
इसमें चारामा परिक्षेत्र का नम्बर नही है और भानुप्रतापपुर का नही है अगर भानु मे वन्यप्रणियों का शिकार होता है तो उसकी जानकारी नही किसी को नही दे सकते 
(इस सबंध में वन सरंक्षक अरूण पान्डे ने बताया की, अगर ऐसी लापरवाही बरती जा रही है तो ये बहुत गलत बात है, गैरजिम्मेदार हरकतों की जांच की जाऐगी और ठोस कार्यवाही की जाऐगी, उन्होने ये भी बताया की, अगर कभी कुछ कराणें से सूचना देने में दिक्कत आती है तो वो हमें हमारे नम्बर पर सूचना दे सकते जो हमेशा चालु रहता है )