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मंगलवार, 8 नवंबर 2016

सर्व आदिवासी समाज 21 नवम्बर को बस्तर संभाग के जिला मुख्यालयों में करेगा धरना प्रदर्शन

सर्व आदिवासी समाज द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर २१ नवम्बर को धरना-प्रदर्शन किया जाएगा यह धरना प्रदर्शन संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित होगाि।उक्ताशय की जानकारी देते समाज के प्रवक्ता मानसाय मौर्य ने बताया कि रविवार को सभी जिलों के पदाधिकारी एवं सामाजिक बुद्घिजीवियों की उपस्थिति में गोंडवाना भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया बैठक में सर्वप्रथम सुकमा जिले के अपहृत सहायक आरक्षक कलमू हिड़मा के परिवाल वालों से चर्चा कर सभी सदस्यों ने नक्सलियों से रिहाई की अपील की संभागीय दल उक्त घटना ग्राम का जायजा लेकर रिहाई के लिए कदम उठाएगा साथ ही कलमू हिड़मा के परिवार वालों के अनुसार ग्राम पिड़मेल के २५ ग्रामीण आदिवासियों को पुलिस ने बंधक बना कर रखा है और यह कहा जा रहा है कि जब तक सहायक आरक्षक को नक्सली नहीं छोड़ते हैं तब तक गांव वालों को नहीं छोड़ा जाएगा पुलिस के उक्त कार्यशैली से बैठक में उपस्थित सदस्यों ने रोष व्यक्त किया बस्तर जिले के बुरगुम प्रकरण में दो नाबालिग बच्चों को डीआरजी व पुलिस के द्वारा हत्या के संबंध में विस्तृत चर्चा किया गया जिसे लेकर पुरे संभाग के आदिवासियों में रोष व्याप्त है जब तक इस मामले में आरोपियों को दण्ड नहीं दिया जाता समाज चुप नहीं बैठेगा मानसाय मौर्य ने बताया कि कुछ दिनों पहले मनीष कुंजाम के पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक के संरक्षण में असमाजिक तत्वों के द्वारा तोड़ फोड़ गाली गलौच की घटना का निंदा प्रस्ताव पारित कर विरोध प्रकट किया गया जिसके लिए ऐसे लोगों के विरूद्घ कार्यवाही किए जाने की उच्च स्तर पर शिकायत किया जाएगा केन्द्र सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण किए जाने के का पुरजोर विरोध किया जाएगा क्योंकि इस इस्पात संयंत्र का निजीकरण किए जाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा क्योंकि इस इस्पात संयंत्र का निजीकरण किए जाने से बस्तर का अहित होगा चूंकि सरकार बस्तरवासियों के साथ विश्वासघात कर रही है जिसका विरोध आदिवासी समाज करेगा 
समाज के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि उक्त सभी मामलों को लेकर देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से बस्तर के विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तृत चर्चा किया जाएगा