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शनिवार, 22 अगस्त 2015

आदिवासी बाहुल्य उपतहसील आमाबेड़ा क्षेत्र में विद्युत संचार व्यवस्था में भारी अनदेखी........



कई गांवो में सप्ताह तक लाईट बंद रहता है

सीएम के जीरो पावर कट के दावे की खुली पोल

दर्जनो ग्रामों के लिए मात्र 2-3 विद्युत कर्मी नियुक्ती

कांकेर। कांकेर जिला के अन्तर्गत आदिवासी बाहुल्य  उप तहसील का दर्जा प्राप्त आमाबेड़ा क्षेत्र के दर्जनो ग्रामों में विद्युत विभाग की अनदेखी के चलते विद्युत की संचार व्यवस्था चरमरा गई है। क्षेत्र के कई ग्रामों महीनो तक लाईट नहीं मिलता । जिससे ग्रामवासियो को महीनो भर  तक अंधेरे में रात गुजारना पड़ता है ।उप तहसील आमाबेड़ा क्षेत्र के अन्तर्गत राजपुर, डुबाल, अड़ेगा, गुमझीर, खड़का, उसेली, पुसागांव, तिमनार, चिखली बेलोंडी, ऐरेगांव, फुफगांव, तहकान टोला, निलझर, टरेगांव, तिमनार, चंगोड़ी, कुछूपारा, मातला, चिचगांव, पंजोड़ी, कावागांव, कोहचुड़, बागझर, तेवड़ा, कोलियारी आदि ग्रामों में विद्युत संचार व्यवस्था में विभाग द्वारा भारी अनदेखी की जा रही है। जिससे क्षेत्र के ग्रामों में हमेशा लो वोल्टेज, असमय लाईट का बंद हो जाना व्यापक समस्या बनी हुई है। विभाग के इन दर्जेनों ग्रामों में विद्युत लाईन सुचारू रूप स संचालन के लिए मात्र 2-3 विद्युत कर्मी की तैनाती की गई है जो काफी कम है जबकि इन दुर्गम इलाकों विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए और विद्युत कर्मी की आवश्यकता है उक्त जानकारी  अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय समिति के सदस्य रमेश गावड़े ने दी