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शनिवार, 10 जनवरी 2015

पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार का खुला खेल

नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर हो रहा है सड़क का निर्माण

कांकेर। पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार का खुला खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गुणवत्ताहीन घटिया सड़क का निर्माण कर रहे है वहीं ताजा मामला सरोना मुड़पार से धमतरी जिले के माड़मसिल्ली तक 35 करोड़ की लागत बन रहे



सड़क का है जो बनने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। इस सड़क का ठेका धमतरी जिले के रसूखदार व धमतरी के  एक मंत्री के करीबी बजरंग अग्रवाल को मिला है लेकिन राजनैतिक पहुंच रखने वाले इस ठेकेदार ने यहा काम के लिए धमतरी के अपने खास ठेकेदारों को पेटी ठेके पर दक दिख है। जबकि ठेका अनुबंध के अनुसार यहां काम पेटी ठेके में नहीं दिया जा सकता बहरहाल उक्त ठेकेदार भी जिन्होने पेटी ठेके में यह काम लिया है वे लोग इस काम को देखने तक नहीं आते। मुड़पार से धमतरी जिले के माड़मसिल्ली तक बन रहे इस सड़क मार्ग में 53 पुल पुलिया का निर्माण कराया जाना है। 07 माह हो गए इस काम को लिए लेकिन अब तक इस काम में मात्र 2 करोड़ तक ही खर्च कर नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इस ठेके को पूर्ण करने के लिए सभी नियम कायदे ताक पर रख दिए गए है। वहीं राजस्थानी टे्रक्टर से मुरूम के पिचिंग का कार्य कराया जा रहा है। लिहाजा सड़क बनने से पहले ही धसक रहा है। जब हाईवे चैनल की टीम मौके पर पहुंची तो जिम्मेदार एसडीओ यूके मेश्राम मौके पर नहीं मिले वहीं श्री मेश्राम अपने दफतर में भी नहीं मिले बताया गया की उक्त अधिकारी हमेशा ही कांकेर में ही रहते है। वहीं जिम्मेदार सब इंजीनियर प्रमोद मेश्राम भी मौके पर नहीं मिले जानकारी मिली है कि प्रमोद मेश्राम भी काम का देखरेख नहीं करते बल्कि वो हमेशा चारामा में रहते है। करोड़ो रू की लागत से बन रहे इस सड़क निर्माण के प्रमि पीडब्ल्यूडी विभाग और जिम्मेदार अधिकारी कितने गंभीर है इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
नहीं छोड़ पा रहे है कांकेर का मोह
मिलीं जानकारी के अनुसार एसड़ीओ यूके मेश्राम का तबादला 06 वर्ष पहले ब्रिज विभाग में नारायपुर हो गया था। लेकिन श्री मेश्राम ने कथित तौर पर न्यायालय से स्टे लाकर सालों से कांकेर मुखालय में जमे रहे। और अब नरहरपुर के एसड़ीओ पद पर काबिज है। गोपनीय सूत्रों की माने तो अपने राजनैतिक पहुंच होने के कारण ये हमेशा अपने फ ील्ड़ से गायब रहते है। जिससे चलते कांकेर का मोह छोडऩे में तैयार नहीं है।
कभी नहीं आए बजरंग अग्रवाल
बस्तर प्रहरी  की टीम ने जब निरीक्षण किया तो मौके पर एक मात्र सब इंजीनीयर अशोक मण्ड़ावी मिले उन्होने बताया कि ठेकेदार बजरंग अग्रवाल कभी नहीं आते और इस काम को पेटी में दे दिया गया है।

अब तक हो जाना था 20 करोड़ का काम
07 माह हो गए इस काम को लिए लेकिन अब तक इस काम में मात्र 2 करोड़ तक ही खर्च हो पाए वहीं इस काम में अब तक लगभग 20 करोड़ का काम हो जाना था।

अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी
इस मामले को लेकर हमने जब नरहरपुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष परदेशी निषाद से चर्चा की तो उन्होने कहा की हो रही गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए मोर्चा खोला जाएगा।
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