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मंगलवार, 16 सितंबर 2014

विकलांग युवक ने की बैंक परीक्षा पास, कर रहा है IAS की तैयारी


कापसी से नितीश मालिक की रिपोर्ट



कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालों यारों। इस बात को पूरी तरह से अपनाने वाले एक युवक से आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं।मध्यप्रदेश के रीवा जिले में रहने वाले 26 वर्षीय सतीश मिश्रा के बचपन से ही दोनों हाथ नहीं हैं। इसके अलावा उनका एक पैर भी पूरी तरह से विकसित नहीं है। लेकिन सतीश ने अपनी इस कमजोरी से कभी हार नहीं मानी। आज सतीश पोस्ट ग्रेजुएशन की परीक्षा दे चुके हैं। इसके साथ ही सतीश बैंक की चयन परीक्षा पास कर चुके हैं और सिविल सर्विस की तैयारियों में लगे हुए हैं।

ग्रेजुएशन में फर्स्ट डिविजन पास
सतीश ने अपनी शारीरिक कमजोरियों को कभी भी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। शायद यही वजह है कि् ग्रेजुएशन की परीक्षा में 64 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की। इसके अलावा सतीश ने बैंक की चयन परीक्षा भी पास कर ली है। सतीश को अब बैंक से बुलावे का इंतजार है।
पैर से करते हैं हर काम
सतीश पैर से हर काम कर लेते हैं. कंप्यूटर चलाना, खाना बनाना, प्रेस करना या फिर कुएं से पानी भरना ये सभी काम सतीश पैर की मदद से आसानी से कर लेता हैं। इसके अलावा सतीश हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाएं पैर से लिख सकता है।
अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहा है सतीश
आठ वर्ष की उम्र में सतीश के पिता का निधन हो गया था। सतीश के पिता कृषि विभाग में कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर थे। पिता की मौत के बाद से सतीश अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहा है। आला अधिकारियों तक सतीश गुहार लगा चुका है। अधिकारियों ने सतीश को नौकरी के अक्षम बता दिया है। जिसके बाद सतीश अपने छोटे भाई को अनुकंपा नौकरी दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।