Featured

बस्‍तर प्रहरी में आपका स्‍वागत है.

मंगलवार, 18 मार्च 2014

कांकेर नगरपालिका ने बजट सार्वजानिक रूप से प्रस्तुत नही किया।


आचार संहिता लगने को बताया कारण, 
-
ऐ लो कांकेर  नगर पालिका का एक और कारनामा प्रकाश मे आया है, भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी के आरोपों से पालिका के नुमाइंदे अभी ठीक से ऊभर भी नीह पाऐ थे कि कांकेर  नगरपालिका क कर्णधारों ने आय-व्यय बजट सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत ही नही किया है, पालिका के होशियारों को ही मालूम होगा ही

बजट सार्वजनिक करने में घबरा क्यों रहे है? न बजट पर कोई चर्चा हुआ  कांकेर नगर पालिका के नुमाइंदों ने डायरेक्ट इस वर्ष भी बजट नगरपालिका ने गोपनीय तरीके से पारित कर दिया।  



 कांकेर नगरपालिका द्वारा आय-व्यय बजट सार्वजानिक रूप से प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है इस वर्ष भी बजट नगरपालिका ने गोपनीय तरीके से पारित करा दिया है,  बजट पर कोई चर्चा भी नहीं हुई। 20 फरवरी को प्रेसीडेंट इन कौंसिल की बैठक हुई जिसमें नगरपालिका अध्यक्ष पवन कौशिक के साथ 7 सदस्यों की टीम मनोज जैन, यासीन कराणी, रमेश गौतम, विजय
यादव, कृष्णकुमार अत्री, रीटा चौरसिया, आलोक श्रीवास्तव शामिल हुए। प्रस्ताव क्रमांक 42 के अंतर्गत वर्ष 2013-14 का पुनरीक्षित आय-व्यय लेखा एवं 2014-15 का प्रस्तावित अनुमानित आय-व्यय लेखा बजट स्वीकृति बाबत विचार एवं निर्णय हुआ।
लेखापाल द्वारा नगरपालिका का वर्ष 2013-14 का वास्तविक पुनरीक्षित एवं वर्ष 2014-15 का प्रस्तावित आय-व्यय लेखा की जानकारी परिषद के समक्ष प्रस्तुत की गई। 20 फरवरी को पीआईसी की मीटिंग के माध्यम से बजट को प्रस्तुत कर दिया गया लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। बजट पर चर्चा भी नहीं की गई। बजट में नगर में आवागमन सुगम बनाने एवं गंदे पानी के समुचित निकासी हेतु सड़क, नाली का निर्माण कार्य हेतु बजट में प्रावधान रखा गया है। अलबेलापारा तालाब सौंदयीकरण हेतु 25 लाख एवं बैजनाथ तालाब हतु 25 लाख रूपए का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाना प्रस्तावित है। राजीव निर्धन आवास योजनांतर्गत आवास निर्माण हतु राशि 4 करोड़ रूपए का प्रावधान बजट में रखा गया है। बरसाती पानी एवं गंदे पानी हेतु ऊपर-नीचे रोड माहुरबंदपारा में महराजा के भूमि में जाने वाला नाला के गंदे पानी के निकासी के हेतु नाला निर्माण हेतु राशि 50 लाख रूपए का प्रावधान है और भी विकासमूलक बजट में राशि रखी गई है।
सारे आरोप बेबुनियाद- पवन कौशिक
॥चुनाव आचार संहिता लगने के पूर्व पीआईसी की बैठक में बजट की रूपरेखा 7 सदस्यों के साथ बनाई गई है। अभी बजट नगरपालिका से पारित नहीं हुआ है। अब आचार संहिता लग चुकी है। बजट को चुनाव अचार संहिता हटने के बाद परिषद की बैठक में रखकर पारित कराया जाएगा। बजट प्रतिवर्ष नियम प्रकिया के तहत सार्वजानिक रूप से रखा जाता है। सारे आरोप बेबुनियाद है।