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रविवार, 13 अक्तूबर 2013

कांकेर की इकलौती गैस एजेन्सी से परेशानी .........

स्थानीय एकमात्र इण्डेन गैस एजेन्सी वर्षों से कांकेर में अपनी मोनोपोली चला रही है जिसमें एकाधिकार वाद के समस्त दुर्गुण आ चुके हैं, जैसे, उपभोक्ताओं के साथ दुव्र्यवहार, सेवाओं में कमी, कर्मचारियों की बेरूखी के अलावा सिलेण्डरों की कालाबाज़ारी की शिकायतें भी मिल रही हैं। अनेक उपभोक्ताओं ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर 'छत्तीसगढ़Ó प्रतिनिधि को बताया कि पर्ची देकर क्रमवार सिलेण्डर पूर्ति करने का नियम अवश्य बनाया गया है लेकिन इस पर अमल नहीं होता है। बीस रू. की घूस देने पर सिलेण्डर जल्दी भी मिल जाते हैं। होम डिलीवरी का शुल्क पांच रू. निर्धारित है लेकिन वसूल बीस रू. किया जाता है। कई सिलेण्डर इतने पुराने हो गये हैं कि उनके वासर ढीले हो गए हैं, जो बदले नहीं जाते जिनसे कभी भी दुर्घटना होने का भय रहता है। शिकायत पर कार्यवाही शून्य है। सबसे बड़ी शिकायत है, सिलेण्डरों की कालाबाज़ारी की, जिसके कारण सही ग्राहकों को सिलेण्डर मिलने में अनावश्यक देर होती है। स्थिति यह है कि किसी के पास तो पांच-पांच सिलेण्डर हैं और किसी को एक के ही लिए दस चक्कर काटने पड़ते हैं । कभी-कभी तो न होम डिलीवरी मिलती है, न एजेन्सी के कार्यालय में सिलेण्डर रहता है । उस हालत में उपभोक्ता को मजबूर होकर उनके गोदाम तक जाना पड़ता है, जो सात किलोमीटर दूर है। इस प्रकार स्थानीय गैस एजेन्सी से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। एजेन्सी वालों से बात कीजिए तो बेरूखी से उल्टे सीधे जवाब देते हैं । फोन कीजिए तो उठाते नहीं हैं । प्रशासन से आशा है कि कुछ कठोर कार्यवाही की जावेगी ।