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मंगलवार, 10 जुलाई 2012

पालिका का नोटिस या समझौते की सरकारी चिट्टी़ ?

कांकेर पालिका ने धन्ना सेठ को नोटिस देने का रस्म अदा  किया..

मामले की रफा-दफा करने की जुगत मे पालिका के कर्णधार
 कांकेर नगरपालिका:- नो नियम-नो डाक्यूमेंटस पालिका का फैसला ऑन दा मनी

पालिका की दबंग निती तथा जंगलराज कांकेर नगर की जनता के सामने आने,कर्णधार अध्यक्ष तथा अधिकारियों की पोल खुलने, तथा मिडिय़ा के हस्तक्षेप के बाद कोठारी ब्रदर्स को नोटीस देने का रस्म कंाकेर पालिका द्वारा अदा किया गया। 
 -जब बैक प्रबंधन अपना करोबार करने के लिए बैंक का समान पूरी तरह से जमा चूकी है, उसके बाद पालिका का नोटिस जारी हुआ ये भी एक सदेंह के दायरें में आता है? इसमें भी चापलुसी की बुं आ रही है? या फिर  कंाकेर की जनता के सामने बने रखने के लिए नोटिस का रस्म अदा किया गया है? .कंाकेर पालिका के खिलाफ नगर की जनता का गुस्सा फुटने से पहले नोटिस जारी किया गया.. जबकि  कोठारी ब्रदर्स लीज धारी को पालिका से ही अनुमति मिली थी. तो पालिका ने कंडीका तीन का हवाला देते हुए अनुमति दे दी थी, और दो महिने से बैंक प्रबंधन द्वारा बैंक खोलने के लिए दुकान जमाया जा रहा है.. और अब बैंक खुलने का समय आ गया है तो पालिका को नोटिस देने का याद. आया यह भी महज एक दिखावा है क्या?  ये तो जंलराज है। वैसे कंाकेर नगरपालिका में नगर की जनता चिल्लाती है, तो चिल्लाने दों, हड़ताल होता है तो होने दो .. *नो नियम-नो डाक्यूमेंन्टस पालिक का फैसला ऑन दा मनी* लेकिन कुछ दिनों से नगर की जनता का आक्रमक रूप देख सफाई से लेकर नियम को देखते हुए अब नियमों की धज्जीयां उड़ाने वाले कंाकेर पालिका के कर्णधारों ने अपनी छवी कंाकेर जनता के सामने बनाए रखने के लिए लीज धारी कोठारी ब्रदर्स को नोटिस भेजा..। 

पालिका अध्यक्ष तथा पूर्व सीएमओं के गलें पर क्या लटकेगी तलवार ?
या फिर मामला को रफा-दफा करने की जुगत में?
पहले कंाकेर पालिका के सरकारी नुमाइंदो ने लीज पर देने अनुमति दी, वंही पर गोल-मोल जवाब बनाकर नियम कायदो को ताक में रखकर धज्जीयां उड़ायी गई.. मिडिया के हस्तक्षेप तथा प्रहरी में खबर प्रकाशन के बाद पालिका के अधिकारी बौखला गये जनता का गुस्सा पालिका के ऊपर टूट पड़ा उसके बाद कंाकेर पालिका के कर्णधार पूर्व सीएमओं रमेश जायसवाल, पालिका अध्यक्ष पवन कौशिक, तथा बाकि कर्मचारियो के ऊपर तलवार लटके गी या फिर इन्हे नजरअंदाज कर दिया जाऐगा? कंाकेर नगर पालिका के कर्णधारों ने लीज धारी को नोटिस भीजवाने का मुड़ बनाया गया और एक रस्म अदा की गई..? इस मामले को दफन करने पालिका के नुमाइंदों ने काफी कौशिश की और अभी रफा-दफा करने की जुगत में भी लगे हुए है..कंाकेर नगर में पालिका की कई योजनाऐं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है.. नगर में एक गौरव पथ है जिसे शहर वासी गौरव बोलने में भी हिचकिचाते है...पालिका अध्यक्ष पवन कौशिक के इस रव्वैये से तथा शहरवासियों के साथ छलवा को अंजाम देते रहने के कारण काफी दुखी है..लीजधारी कोठारी ब्रदर्स द्वारा बैंक प्रबंधन को नियमों को ताक में रखकर किराये में दे दिया.. गया तथा पालिका मूक दर्शक बन कर रह गई? अब जब बैंक प्रबंधन द्वारा पूरी तरह से बैंक खोलने वाला है तो पालिका एक रस्म अदा कर रही है? ताकी नोटिस का जवाब ये आ सके की मैने पूरी बैंक खोल ली है आप मेरे से किराये दुगुना ले सकते है और पालिका से लीज करा लेता हुं..? मामला आयने की तरह साफ है.. अध्यक्ष से लेकर सीएमओ तथा राजस्व  निरिक्षक के सभी कर्णधार इसमें संलिप्त है...तभी तो बैंक खुलने के टाईम में नोटिस दिया जा रहा है..पीछले दो महीने तक पालिका के अधिकारियों को कुछ नजर नही आ रहा था क्या? या फिर देख के भी अनजान बन रहे थे? 

एक ही थाली के चट्टे-बट्टे पालिका में कांग्रेस,भाजपा
ना विपक्षी पार्टी कभी अवाज उठाती है और ना कभी भाजपा के प्रतिपक्ष नेता.. सभी पालिका के कारनामों में बराबर के हिस्सेदार होते है क्या? अगर नही तो क्यो जबान में लगाम लगायें हुए है? क्या हम गलत कह रहें है कंाकेर नगर की जनता देख रही है ये विपक्षी पार्टीयों के रव्वैये को, क्या इन्हें बराबर का हिस्सा मिलता होगा? पूरी तरह संदेह के दायरे में या फिर कंाग्रेस-भापजा दोनो भाई-भाई है? 

बैंक खुलने के लिए तैयार है और नोटिस गई लीजधारी के पास क्यों?
इस सबंध में कंाकेर नगर पालिका के राजस्व निरिक्षक त्रिभुवन सिंह ठाकुर जिनका सेल फोन नम्बर ९४०६०-९७४६५ है उनसे संपर्क साधा गया तो उनका कहना था, कोंठारी ब्रदर्स लीज धारी को तत्काल काम बंद करने का नोटिस दे दीया गया है, अगर काम बंद नही किया गया तो अनुबंध निरस्त किया जाऐगा...। लेकिन कंाकेर पालिका द्वारा सूचना का आधिकार के तहत जानकारी में कोठारी ब्रदर्स को नियम पूर्वक बैंक को किराये पर देने की अनुमति ली गई है पालिका का कुछ ऐसा कहना था, अब नोटिस का दिखावा क्यो? और दो माह से बैंक  का काम चल रहा है पालिका ने क्यो कार्यवाही नही की? और अभी भी बैंक प्रबंधन का काम जारी है क्यो? बैंक प्रबंधन द्वारा पुरी तरह से बैंक का शुरूवात करने के लिए बैंक को खोलने का समय आ गया है तो कंाकेर पालिका के कर्णधारों को नोटिस भिजवाने का याद आया कई सुलगते सवालों को जन्म देता और नोटिस भेजवानें में भी पालिका षडय़ंत्र पूर्वक कार्य को अंजाम को देंने की बूं आ रही है?।