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शुक्रवार, 6 जुलाई 2012

पुसवाड़ा हाई स्कूल के छात्रों का भविष्य अधर में..



शिक्षा व्यवस्था का ढोल पिटते सरकारी नुमाइंदे-अव्यवस्था के बिच पढा़ई कर रहे पुसवाड़ा हाई स्कूल के छात्र..

 जिला मुख्यालय से १५ किमी दूरी पर स्थित ग्राम पुसवाड़ा में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल है.. जिसका खमियाजा पुसवाड़ा हाई स्कूल के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. छात्रों को शिक्षा का उचित लाभ नही मिल पा रहा है. बच्चें अनेक सुविधाओ सें मोहताज है. छात्रों को बैठने, पेयजल, स्कूल भवन की जर्जर स्थिति,अनेक विषयों में गुरूजनों की कमी अनेक परेशानियों की मार छेल रहे है, पुसवाड़ा हाई स्कूल के छात्र.. यह तक कि पुसवाड़ा हाई स्क्ूल में शाला प्रवेश उत्सव जो कि बुधवार को मनाया गया वो भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई और शाला प्रवेश उत्सव को लेकर छात्रों में कोई उत्साह नही देखा गया पुसवाड़ा हाई स्कूल के छात्रों में निराशा की छलक दिख रही थी.. शिक्षा की अव्यवस्था को लेकर छात्र काफी पेरशान थे। छात्रों के शीक्षा व्यवस्था पर ग्रहण लग गया है और इधर शिक्षा विभाग के शासन के नुमाइंदें पुसवाड़ा की शिक्षा व्यवस्था से बेघबर है..और अच्छी शिक्षा व्यवस्था का दावा करते रहते फिर रहे है। 
  ज्ञात हो कि पुसवाड़ा के हाई स्कूल में छट़वी से दसवी तक कक्षाऐं संचालित हो रही है, जंहा बुधवार को शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया लेकिन स्कूल के प्रधान पाठक व प्रभारी प्राचार्य उत्तम कुमार मजुमदार ने बताया की विद्यालय में मिडिल हाई स्कूल संचालित हो रही है। स्कूल में गणित, विज्ञान अनेक विषयों के शिक्षको की कमीें है, हाईस्कूल शुरू होने के बाद एक ही   शिक्षक की पथस्थपना हुई है, गांव की शाला समिति द्वारा बार-बार आग्रह करने के बाद एक शिक्षक को जनवरी माह में हाईस्कूल में अटैच किया गया है। और मिडिल स्कूल में तीन कक्षाओं को पढाऩे के लिए प्रधान पाठक के साथ पांच शिक्षक ही पदस्थ है, हाई स्कूल में दो शिक्षक होने के कारण मिडिल स्कूल के शिक्षको के द्वारा हाई स्कूल के शिक्षको को पढाया जा रहा है। जिससे हाई स्कूल के शिक्षको को उचित ढग़ से शिक्षा ग्रहण नही कर पा रहे है। तथा स्कूल भवन की हालत अत्यंत जर्जर है, शाला भवन में तीन कमरें है जो बच्चों के लिए पर्याप्त नही है। तथा हाई स्कूल भवन का संचालन खपरैल वाली शाला में हो रहा है, जो चारो ओर से पानी की बुंदे टपकती है.. जिससे पढ़ाई कैसे करे। स्कूल में बच्चों को बैठने के लिए जगह नही होने के कारण स्कूल द्वारा नये बच्चों को प्रवेश नही लिया जा रहा है. जो बच्चों नहले से पढाई कर रहे है उनको बैठाने के लिए जगह नही है बच्चें जमीन पर बैठ कर शिक्ष ग्रहण करते है ऐसे में नये बच्चें का प्रवेश लेना उचित नही है। हाई स्कूल भवन का निर्माण ग्राम के मर्रीपारा में किया जा रहा है. जो निर्माणधिन है भवन को अधुरा बना के छोड़ दिया गया है। निर्माण होने के साल भर का समय तो लग जाऐगा तब तक बच्चे कंहा पढाई करेंगें।
  ग्राम के भूतपुर्व सरपंच ने बताया. डक हाई सकूल खुल दो साल हो गये है लेकिन अभी तक ना ही शिक्षको की व्यवस्था की गई है और ना बैठन तथा भवन की अव्यवस्था की मार छेलना पड़ रहा है छात्रों को शिक्षक की कमी की वजह से शिक्षा का स्तर दिनों दिन गिरता जा रहा है। पुसवाड़ा के छात्र गंगा पटेल, योगेश्वरी पटेल,योगमाया ने बताया की हमें बैठने पेयजल आदि की समस्या है जिससे हमें पढाई करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है लेकिन उनके द्वारा इस पर कोई कार्यवाही नही की गई शिक्षा व्यवस्था के नाम पर मात्र ढोल पीड रहे है जिला मुख्यालय के शिक्षा अधिकारी।