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शुक्रवार, 8 जून 2012

कांकेर पालिका नगर को स्वचछ सुदंर रखने में निकम्मा साबित.... जनता त्रस्त पालिका मस्त




कांकेर पालिका नगर को स्वचछ सुदंर रखने में निकम्मा साबित.... जनता त्रस्त पालिका मस्त
*पालिका की शहर सौदर्य की योजना टाय-टाय फिस्स*
 कांकेर नगर पालिका शहर के सौदर्य करण में निकम्मा साबित हो रहा है पालिका द्वारा शहर सौदर्य करण के नाम पर जो भी योजना बनाई गई सभी फ्लाफ हो गई कंाकेर पालिका जनता तथा शासन के पैसे का दुरूपयोग कर रही है।  शहर में सौदर्य करण के नाम पर लाखों रूपये खर्च कर आदि समान नगर मे लगायें गये लेकिन एक भी चीज कंाकेर नगर के जनता को राष नही आई और जितने भी समान लगाये गये दो-तीन दिन में टाय-टाय फिस हो गया।  अब तो नगर पालिका द्वारा शहर को सौंदर्य रखने का काम भी छोंड दिया । कंाकेर पालिका में जब से कांग्रेस की सत्ता आई शहर में रति भर भी विकास तथा सौदर्य करण नही आई दिनोंं-दिन पेयजल की समस्या और गहराती गई तलाबों में कोई अस्तित्व खत्म हो गया सफ- सफाई की व्यवस्था चरमराग गई। और पालिका द्वारा जितने भी नगर के लिए योजना बनाई गई थाी वो सब अपंग हो गई। कंाकेर पालिका द्वारा पुराने सौदर्य करण के समानों को भी सुरक्षीत नही रख सकी और आज गार्डन से ट्रेन सभी कंडम पड़ी हुई है। कंाकेर नगरपालिका पालिका के दफ्तर में अधिकारी तथा अध्यक्ष बैठकर कंाकेर के दबंग  ठेकेदार को मात्र टेंडर बांटते डड़ा पिते मिलेगे शहर की और पालिका गंभीर नही है। स्थानिय अखबारों के माध्यम से नगरपालिका के कारनामें को स्थानिय मिडिया उडाती रहती है। लेकिन कंाकेर पालिका को इन सब से कोई लेन-देन नही है वो तो दबंग ठेकदारं के साथ डड़ा पीने में व्यस्त रहती है। 
अब नही रहा चिन्ड्रन पार्क, बन गया मयखाना पार्क 
कंाकेर नगर के अलबेलापारा मार्ग पर लाखो रूपये खर्च करके बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क और स्विमिंग पुल बनाया गया था। लेकिन पालिका ने लाखों रूपये खर्च कर पार्क जो बनाा गया था वो आज मात्र एक साल में टुट कर कंडम स्थिति में आ गई है अब वंहा पर बच्चों के पार्क पर बच्चें नही बल्कि शाम ढलते ही शराबियों का अड्डा बना रहता है, और पालिका की स्विमिंग पुल तो चालु होनेके पहले से ही कंडम हो गया कंाकेर की जनता तो इसका लाभ भी नही ले पाये आज कंाकेर पालिका द्वारा बनाई गई चिन्ड्रन पार्क मयखाना और कंडम पार्क के नाम से जाना जात है और इस सब के पिछे कंाकेर पालिका की उदासीनता कहे या फिर लापरवाही पालिका की इस लापरवाही की सजा कंाकरे की जनता को भुगतना पड रहा है।
स्विपिंग मशीन ने दम तोड़ दिया,  क्या करोगा शहर की सफाई, खुद धुल खाते पड़ा है..
कंाकेर पालिका द्वारा शहर की धुल साफ करने के लिए लाखों रूपये की स्विपिंग मशीन नगर में लाई गई, शहर की धुल तो इस स्विपिंग मशीन नामक हाथी से साफ नही हुई ब्लकी   स्विपिंग मशीन ही धुल खा कर कबाड़ हो गई। यह तो वही बात हुई आये थे शहर की धुल साफ करने लेकिन पालिका ने तुमको ही धुधला कर दिया। इन सबका जिम्मेदा कंाकेर की पालिका है जिसने देख-रेख के अभाव में कंडम की स्थिति निर्मित हो गई और शहर की धुल साफ करने में कंाकेर पालिका की स्विपिंग मशीन कोई काम नही आई।
पानी के फुआरों को पालिा ने फुर से उखाड़ फेंका, और ारकार की फिजुलखर्ची में सफलता हासील कर ली 
कंाकेर पालिका के भुतपुर्व अध्यक्ष स्व: रवी श्रीवास्तव के द्वारा कंाकेर की जनता तथा नगर में सौदर्य का ध्यान में रखते हुए लाखों रूपये खर्च करके पानी के फुआरे शहर के मध्य लगाये गये थे। लेकिन कुछ ही दिनों के पश्चात देखरेख के अभाव में ये पानी के फुआरे बंद हो गये इसके बाद कंाकेर पालिका को बंद होना अच्छा नही लगा और पानी के फुआरे को कंाकेर नगर से हटा दिया गया।
पालिका का टाईम खराब है या फिर घड़ी का  
पालिका द्वारा पुराना नाका के पास एक घड़ी लगाई गई है घंडी जब से लगाई गई है तब से पालिका का टाईम खराब चल रहा है घराब टाईम इस लिए चल रहा है कि पालिका द्वारा जब घड़ी लगाई गई तो कुछ दिनों तक तो घड़ी सही टाईम बताते हुए चला लेकिन कुछ ही दिनों के पश्चात घड़ी लागों को भ्रमित करने लगा अब यह स्थिति है की घड़ी के घंटा के पास एक बड़ा सा होल हो गया है औ कुछ दिनों के पश्चात ये भी पालिका की लापरवाही के चलते बंद हो जाऐगा।
विदित हो कि कांकेर पालिका कंाकेर शहर के विकास एंव सौदर्य के लिए नकारा साबित हो रहा है शहर के अंद सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नालियों में कचरा भरा पड़ा है वार्डो मे गंदगी का आलम है जबकि पालिका के पास साफ-सफाई के लिए करोड़ा का बजट हर साल पालिका में आता है। अभी गर्मी में पानी के लिए तबाही मची हुई है लेकिन कंाकेर पालिका के सीएमओं सभी ठीक है बोंल कर पालिका के दफ्तर में अराम फरमाते रहते है। तब भी कंाकेर शहर को स्वच्छ तथा सुदंर रखने में कांकेर पालिका निकम्मा साबित हो गया है और कंाकेर नगर के जनता के बिच पालिका को विश्वास उठाता जा रहा है।